सोमवार, 18 मई 2026
'अमृत काल' 2026: विकास भी है और निकास भी!
दोस्तों, देश में गजब का संतुलन बना हुआ है। समझ नहीं आ रहा कि देश की जीडीपी (GDP) और रुपया तेजी से 'ऊपर' जा रहे हैं या सीधे 'परलोक' सिधारने की तैयारी में हैं! आइए एक नजर डालते हैं हमारे आज के 'महान' परिदृश्य पर:
1. रुपया बनाम डॉलर की लव स्टोरी 💔
हमारा रुपया इतिहास रच रहा है! अब वह डॉलर के साथ "सेंचुरी" (100 के पार) बनाने के इतने करीब है कि विराट कोहली भी शर्मा जाएं। उधर डॉलर $107 प्रति बैरल वाले कच्चे तेल की सवारी कर के आसमान छू रहा है, और हमारा रुपया नीचे गिरकर भी देश का नाम 'ऊंचा' कर रहा है। गिरना भी एक कला है, बाबू भैया!
2. राजनीति का 'सिनेमैटिक यूनिवर्स' (MCU) 🎬🍿
अभी-अभी राज्यों के चुनावी नतीजे आए हैं और राजनीति में नया 'एक्शन थ्रिलर' शुरू हुआ है। बंगाल में दीदी के अभेद्य किले में सेंध लग चुकी है, तो तमिलनाडु में सीधे बड़े पर्दे के थलपति (विजय) मुख्यमंत्री बनकर रियल लाइफ में 'एंट्री' मार चुके हैं। जनता को समझ नहीं आ रहा कि वो न्यूज़ चैनल देख रही है या नेटफ्लिक्स का सस्पेंस थ्रिलर। दलबदल का खेल ऐसा चल रहा है कि क्रिकेट के 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को भी शर्म आ जाए।
3. नौकरियां और AI का 'अमृत' 🤖💼
हमारे चीफ इकोनॉमिक एडवाइज़र कह रहे हैं कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आने से एंट्री-लेवल नौकरियां गायब हो जाएंगी। चिंता की कोई बात नहीं है! जब इंसान के पास 'इंटेलिजेंस' (बुद्धि) की कमी हो, तो 'आर्टिफिशियल' ही सही। वैसे भी, पकौड़े तलने और रील्स बनाने के लिए किसी AI की जरूरत नहीं है, इसमें हमारी युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर है!
4. स्टॉक मार्केट का 'रोलर कोस्टर' 📈📉
सेंसेक्स और निफ्टी इन दिनों कत्थक डांस कर रहे हैं। कभी वैश्विक तनाव देखकर धड़ाम से गिरते हैं, तो कभी किसी विदेशी दौरे की खबर सुनकर झूम उठते हैं। मिडिल क्लास निवेशक रोज़ सुबह डीमैट अकाउंट खोलता है तो ऐसा लगता है जैसे अपनी मेडिकल रिपोर्ट देख रहा हो—धड़कनें ऊपर-नीचे!
निष्कर्ष:
देश एकदम सुरक्षित हाथों में है। राजनीति में 'मनोरंजन' भरपूर है, और अर्थव्यवस्था में 'रोमांच' (थ्रिल) कूट-कूट कर भरा है। तो बस, अपनी जेबें ढीली रखिए, पॉपकॉर्न खाइए और इस 'अद्भुत' तमाशे का आनंद लीजिए!
#Economy2026 #IndianPolitics #RupeeVsDollar #AmritKaal #Satire
सोमवार, 23 अक्टूबर 2023
बुधवार, 13 सितंबर 2023
गहलोत सरकार को बड़ा झटका 50 हजार भर्ती पर रोक
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए शांति एवं अहिंसा विभाग से जवाब मांगा है। हालांकि, सरकार भर्ती प्रक्रिया जारी रख सकती है। राज्य सरकार ने 13 अगस्त को पंचायत स्तर तथा शहरी निकायों में 50 हजार महात्मा गांधी सेवा प्रेरकों की भर्ती विज्ञापित की थी।
मंगलवार, 15 मार्च 2022
जुगाड़ बना कई गांवों के लिए विद्युत सप्लाई का जरिया, चारों तरफ हो रही तारीफ
शिव 15 मार्च, कल यानी 14 मार्च को बाड़मेर के बांद्रा गांव में बनी डामर सड़क के बीचों बीच खड़े एक विद्युत पोल की तस्वीर काफी चर्चा का विषय बन गई थी जिसके बारे में सोशल मीडिया पर लोग सरकार और जिम्मेदार विभाग पर तरह तरह के तंज कसकर खिल्ली उड़ा रहे थे । कल ही के दिन एक और तस्वीर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और वो तस्वीर थी मौखाब से पोषाल जाने वाली 11 केवी लाइन के क्षतिग्रस्त उस पोल की जो टूट चुका था पर लाइन पर कार्यरत कर्मचारियों के बनाये जुगाड़ से विद्युत सप्लाई दे रहा था । भीषण गर्मी पोल टूट जाने की खबर से एकबारगी तो ऐसा लग रहा था कि अब पोल बदलने में और नया पोल लगाने में काफी समय लगेगा पर लाइन पर कार्यरत जालाराम और उसके साथी ने बांस के जरिए जुगाड़ बनाकर 1 घंटे में ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी ,काम के प्रति समर्पित पहल की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है ।
बुधवार, 9 मार्च 2022
होली पर कानून व्यवस्था के लिए पुख्ता प्रबंध रंगे भरे गुब्बारे फेंकने एवं धार्मिक स्थानों पर रंग डालने की मनाही
बाडमेर, 09 मार्च। जिला मजिस्ट्रेट लोक बंधु ने होली एवं धुलण्डी के त्यौहार के दौरान साम्प्रदायिक सद्भावना तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा जारी कर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रावधानों एवं प्रतिबन्धों को लागू किया है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट लोक बंधु द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में किसी भी सम्प्रदाय का कोई भी व्यक्ति ऐसे ऑडियो कैसेट्स आदि नहीं चलाएगा और न ही ऐसे नारे लगाएगा, जिससे अन्य सम्प्रदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुचती हो। कोई भी व्यक्ति रंग इस तरह से नहीं खेलेंगे, जिससे किसी दूसरे सम्प्रदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचती हो एवं किसी धार्मिक स्थान, दुकान पर रंग, गुलाल, गुब्बारे आदि नहीं फेकेंगे और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे। रंग भरे गुब्बारे, घातक रसायन, धूल, कीचड, ऑयल पेन्ट आदि का उपयोग नहीं करेंगे एवं रंग खेलने के लिए अनिच्छुक व्यक्ति को न तो रंग लगायेंगे एवं न ही उन पर रंग फेंकेगे। इसी प्रकार किसी व्यक्ति या उनके वाहनों पर उनकी अनिच्छा के होते हुए इस प्रकार से रंग इत्यादि नहीं डाले जाएंगे, जिससे उनकी साम्प्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहंुचती हो। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल, बन्दूक एवं एम.एन.गन आदि तथा तेज धारदार हथियार, लाठी, स्टीक इत्यादि साथ लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूमेगा एवं न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करेगा। इसी तरह कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा न ही किसी को सेवन करवायेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं को छोडकर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के कारण छोडकर किसी अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों मे से मदिरा आवागमन नहीं करेगा।
यह आदेश 12 मार्च को रात्रि 12 बजे से लागू होगा जो 25 मार्च 2022 की रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह आदेश समस्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट, पुलिस, सीमा सुरक्षा बल एवं अन्य एजेन्सियों के अधिकारियों, कर्मचारियों पर जो कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा अवांछनीय गतिविधियों की रोकथाम एवं व्यवस्था की डयूटी के लिए उक्त क्षेत्र में उक्त समय के लिये तैनाती पर नियुक्त किये गए है, पर प्रभावी नहीं होगा।
गुरुवार, 3 मार्च 2022
फसल खराबे पर मुआवजे के तहत 161 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति
बाड़मेर, 03 मार्च। जिले की बाड़मेर, नोखरा, शिव, धनाऊ, गुडामालानी, सिणधरी, सेड़वा, बायतु, धोरीमना, गिड़ा, कल्याणपुर, रामसर, सिवाना, चौहटन एवं पचपदरा तहसील क्षेत्रों के अभाव संवत 2078 के फसल खराबे से प्रभावित 167060 कृषकों को 1,61,49,35,240रूपये कृषि आदान अनुदान राशि दिये जाने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अभावग्रस्त घोषित क्षेत्रों के प्रभावित कृषकों को अभाव संवत् 2078 में कृषि आदान अनुदान राशि दिये जाने हेतु आपदा प्रबन्धन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग राजस्थान जयपुर द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार फसल खराबे से प्रभावित 1167060 कृषकों को 1,61,49,35,240रूपये कृषि आदान अनुदान राशि दिये जाने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
उन्होने बताया कि 33 से 50, 50 से 75 एवं 75 से 100 प्रतिशत फसल खराबा श्रेणी के बाड़मेर, नोखरा, शिव, धनाऊ, गुडामालानी, समदडी, सिणधरी, सेड़वा, बायतु, धोरीमना, गिड़ा, कल्याणपुर, रामसर, सिवाना, चौहटन, गडरारोड एवं पचपदरा तहसील क्षेत्रों केे 67695 एसएमएफ कृषकों को 360357977 रूपये तथा 33 से 50, 50 से 75 एवं 75 से 100 प्रतिशत फसल खराबा श्रेणी के बाड़मेर, नोखरा, शिव, धनाऊ, गुडामालानी, समदडी, सिणधरी, सेड़वा, बायतु, धोरीमना, गिड़ा, कल्याणपुर, रामसर, सिवाना, चौहटन, गडरारोड़ एवं पचपदरा तहसील क्षेत्रों केे 99365 अदर देन एसएमएफ कृषकों को 1254577263रूपये कृषि आदान अनुदान राशि दिये जाने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
शनिवार, 26 फ़रवरी 2022
जिला कलेक्टर ने किया नरेगा कार्यों का निरीक्षण अनियमितता पर बीडीओ को नोटिस , जेटीए पर कार्यवाही
बाड़मेर , 26 फरवरी। जिले में नरेगा के कार्यों की धरातल पर पड़ताल को शनिवार को जिला कलेक्टर लोक बंधु ने मौके पर पहुंच निरीक्षण किया एवं अनियमितताए पाए जाने पर जिम्मेदार कार्मिकों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू के साथ शनिवार को महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत प्रगतिरत कार्यो का व्यापक निरीक्षण किया गया है। उन्होंने सर्वप्रथम धनाऊ पंचायत समिति की तालसर पंचायत में ग्रेवल सड़क निर्माण गंगुपुरा से श्मशान घाट तक का निरीक्षण किया, निरीक्षण के समय 19 श्रमिक उपस्थित पाये गये तथा नियोजित श्रमिको द्वारा प्रति दिन किये गये कार्य की जाचं की गई। कलेक्टर ने यहां मेट तुलछाराम से पूर्व में किये कार्य की नाप, प्रति दिन की टास्क, श्रमिके के छाया, पानी, मेडिकल किट के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विकास अधिकारी गोपाराम एवं तकनीकी सहायक जीयाराम द्वारा प्रगतिरत कार्य का समय पर निरीक्षण नही करने एवं कार्यो की गुणवत्ता में कमी होने के कारण उन्हें नोटिस जारी करने को कहा।
बाद में जिला कलेक्टर ने बाड़मेर पंचायत समिति की बालेरा पंचायत में रड़वा में हेरल नाडी खुदाई कार्य का जायजा लिया। यहां निरीक्षण के समय कुल 60 श्रमिक उपस्थित पाये गये है। जिला कलेक्टर ने नाडी कार्य पर मेट ईश्वरसिंह से पूर्व में किये कार्य की नाप, प्रति दिन की टास्क, श्रमिके के छाया, पानी, मेडिकल किट के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। श्रमिको से पूर्व पखवाडो में टास्क कितनी प्राप्त हुई पर पूछा। श्रमिको ने बताया कि पूर्व में 150 रूपये प्रति दिन प्राप्त हुए है। इस पर जिला कलक्टर ने कम टास्क पर तकनीकी सहायक सुरेश कुमार को नोटिस देने के निर्देश दिये गये एवं भविष्य में श्रमिको को पांच-पांच के ग्रुप में नियोजित कर प्रति दिन टास्क में सुधार करने को कहा ताकि श्रमिको को पुरा टास्क मिल सके। उन्होंने सहायक अभियन्ता राम लाल जैन को निर्देश दिये गये कि नाडी के आगोर के कार्य में सुधार किया जावे। ताकि नाडी की भराव श्रमता बढ सके।
इसी तरह राणीगांव में सुकड़ी नाडी खुदाई कार्य पर कलेक्टर के निरीक्षण के समय 61 श्रमिक उपस्थित पाये गये है। उन्होंने नाडी कार्य पर मेट मोटाराम एवं सुखसिंह से पूर्व में किये कार्य की नाप, प्रति दिन की टास्क, श्रमिके के छाया, पानी, मेडिकल किट के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। श्रमिको से पूर्व पखवाडो में टास्क कितनी प्राप्त हुई पूछा, इस पर श्रमिको ने बताया कि पूर्व में 218 रूपये प्रति दिन प्राप्त हुए है। इस पर जिला कलक्टर ने तकनीकी सहायक प्रकाश खत्री के कार्य स्थल पर उपस्थित नही पाये जाने पर इसे गम्भीरता से लेते हुए तुरंत उसे हटाते हुए मुख्यालय जिला परिषद बाड़मेर करने तथा अनुबंध समाप्त करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। साथ ही सहायक अभियन्ता को निर्देश दिये गये कि नाडी के आगोर के कार्य में सुधार किया जावे। ताकि नाडी की भराव श्रमता बढ सके।
जिला कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू एवं अधिशासी अभियंता राजेन्द्र सिंह भी साथ रहे।
शनिवार, 19 फ़रवरी 2022
फिर होगी बिजली महंगी उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा फ्यूल सरचार्ज
जयपुर । छत्तीसगढ़ से राजस्थान सरकार की कोयला खानों पर माइनिंग शुरू करने की अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है । राजस्थान सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि इस देरी के कारण प्रदेश में कुल 7580 मेगावट के थर्मल पावर प्लांट्स में से 4340 मेगावाट के प्लांट्स में बिजली का प्रोडक्शन प्रभावित होने की आशंका है इसी के साथ सरकार के आला अफसरों की अगुवाई में शुक्रवार को हुई बैठक में प्राइवेट कंपनियों से बिजली खरीदने का निर्णय लिया गया है इसके लिए जल्दी ही शॉर्ट टेंडर किया जाएगा । इससे साफ है कि बिजली महंगी जाएगी इसकी भरपाई भी सरकार आम उपभोक्ताओं से करेगी 1.52 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा फ्यूल सरचार्ज महंगा कोयला खरीदने महंगी बिजली खरीदने या ट्रांसपोर्टेशन का ज्यादा खर्च होने पर इसका सीधा भार आम उपभोक्ताओं पर डालने की बिजली कम्पनियों की परम्परा चली आ रही है केन्द्र सरकार और केन्द्रीय कोयला मंत्रालय के नवम्बर 2021 में ही कह देने के बावजूद कोयले का स्टॉक रोड कम टेल मोड से राजस्थान में लाकर मेंटेन नहीं किया गया । राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और एनर्जी डिपार्टमेंट की टॉप ब्यूरोक्रेसी सर्दियों में आंखें मूंदे बैठी रही । इसका खामियाजा राजस्थान की जनता को फ्यूल सरचार्ज के नाम पर महंगे बिजली बिल के तोट पर भुगतना पड़ सकता है । अबकी बार फ्यूल सरचार्ज भी बढ़कर आ सकता है । जयपुर , अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम्स ने नवम्बर 2021 में प्रति यूनिट 33 पैसे फ्युल सरचार्ज 1 करोड़ 52 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर लगाया गया था । इससे एक साल पहले भी 30 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज वसूला गया था । 300 से 900 रुपए तक होगी बिजली उपभोक्ताओं पर एक्स्ट्रा मार मिडिल क्लास घर का उदाहरण लें तो महीने में 350 यूनिट बिजली यूज होने पर उपभोक्ता को करीब 347 रुपए तीन महीने के बिल पर चुकाने होंगे । ज्यादा बिजली कन्ज्यूम होने पर उसी में यह अमाउंट बढ़ता जाएगा । अनुमान के मुताबिक , अकेला • जयपुर डिस्कॉम ही 250 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूली करता है । तीनों डिस्कॉग्स 550 से 650 करोड़ रूपए तक वसूलते हैं । उधर , एक दिन पहले पीक आवर्स में 3296 यूनिट बिजली कम पड़ गई तो एक्सचेंज से 114.25 लाख यूनिट बिजली की खरीद करनी पड़ी । बिजली विभाग के एसीएस डॉ सुबोध अग्रवाल ने कहा , छत्तीसगढ़ में खनन स्वीकृति जारी होने और माइनिंग शुरू होने तक ऑप्शनल बंदोबस्त करने में विभाग जुट गया है । दूसरी माइंस से कोयला सप्लाई कराने विदेशों से प्राथमिकता से प्रदेश में कोयला मंगवाने और अन्य राज्यों से बिजली खरीद के कॉन्ट्रैक्ट सहित सभी विकल्पों पर एक साथ काम शुरू कर दिया गया है क्या होता है फ्यूल सरचार्ज राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेरिटी कमीशन हर • साल बिजली खरीद समेत दूसरे खर्चों के केलकुलेशन के बाद बिजली की टैरिफ तय करता है । इसमें कमीशन की ओर से फिक्स कॉस्ट के साथ वेरिएबल कॉस्ट के रूप में बिजली टैरिफ तय होती है वेटिएबल कॉस्ट में कोयला डीजल , ट्रांसपोर्टेशन चार्ज पर हुए खर्चे शामिल होते हैं । इसकी वसूली उपभोक्ताओं से की जाती है । इस फ्यूल सरचार्ज की शुरुआत साल 2009 में राजस्थान में हुई थी । फ्यूल सरचार्ज को हट 3 महीने में बदला जाता है अब बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनियां महंगे रेट पर खरीदी गई बिजली का डिफरेंस भी फ्यूल सरचार्ज के रूप में वसूल रही हैं । डिस्कॉम में फ्यूल सरचार्ज की कैलकुलेशन का तरीका बदलने से बिजली चोटी का असर भी उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है ।
शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2022
सड़क दुर्घटना में घायल युवक के लिए फरिश्ता बनकर आए शिव प्रधान प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश जाणी
शिव , शुक्रवार करीब चार बजे के आसपास शिव प्रधान प्रतिनिधि हमेशा की तरह अपने निजी कार्यक्रम अनुसार किसी सामाजिक समारोह में शामिल होने जा रहे थे तभी नागड़दा से पोषाल जाने वाली सड़क पर एक युवक गंभीर घायलावस्था में रोड़ पर तड़फ रहा था । युवक का घर घटनास्थल से मात्र 500 मीटर ही दूर था इसलिए घायल युवक की माँ भी अपने घायल बेटे के पास रोती बिलखती गंभीर घायल बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए मदद के लिए पुकार लगा रही थी ,इसी दौरान शिव प्रधान प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश जाणी भी उसी सड़क से गुजर रहे थे उन्होंने बिना देरी किए अपने साथियों के साथ मिलकर युवक को अपनी निजी फार्च्यूनर में लेटाकर फौरन जिला राजकीय अस्पताल बाड़मेर लेकर रवाना हुए और उनका प्राथमिक उपचार करवाया ।
रविवार, 13 फ़रवरी 2022
राजस्थान में 60 बजरी खनन क्षेत्रों से रोक हटी
राजस्थान में 60 खनन क्षेत्रों में बजरी खनन के लिए केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति जारी
जयपुर-राज्य में नदियों से वैध बजरी खनन के लिए 60 खनन क्षेत्रों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति जारी हो गई है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि अब समूचे प्रदेश में नदियों से बजरी के वैध खनन की राह प्रशस्त हो गई है वहीं बजरी की समस्या का समाधान भी हो गया है।
उन्होंने बताया कि अब राज्य स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरे होने के साथ ही प्रदेश में लगभग सभी क्षेत्रों में बजरी का वैध खनन शुरु हो जाएगा ।
सोमवार, 17 जनवरी 2022
ठगी का नया तरीका फेसबुक एकाउंट हैक करके मांग रहे पैसा
साइबर ठग गिरोह ने ठगी का एक और नया तरीका ढूंढ निकाला,होता कुछ यूं है कि ये ठग गिरोह किसी यूजर के फेसबुक एकाउंट को हैक करके और उस एकाउंट के मित्रों को उनसे फ़ोन पे या गूगल पे के जरिए पैसे की मांग यह कहते हुए करते है कि किसी जरूरी काम के लिए पैसों की जरूरत है आप अभी पैसे भेज दो शाम तक रिटर्न कर दूंगा , अपने दोस्त ,परिचित या रिश्तेदार के एकाउंट से मेसेंजर पर आए हुए मेसेज को देखकर कुछ लोग अचानक ठगी करने वाले लोगों के झांसे में आकर पैसा भेज देते है और वो पैसा सीधा ठग गिरोह के पास जाता है न कि मेसेंजर पर पैसा मांगने वाले दोस्त,परिचित के पास । इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें ।
शुक्रवार, 14 जनवरी 2022
ओमिक्रोन का खौफ, सरकारी अफसरों को मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश
14 जनवरी, जिले में कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रोन वायरस के मद्देनजर समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों, उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों को बिना अवकाश स्वीकृत करवाये मुख्यालय नहीं छोड़ेंने तथा राजकीय अवकाश के दिन भी मुख्यालय पर ही उपस्थित रहने को कहा गया गया।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि कोविड के नये वैरिएन्ट ओमिक्रोन के संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों की रोकथाम एवं बचाव हेतु महामारी सतर्क-सावधान जन अनुशासन दिशा निर्देश जारी किये गये है जिसकी पालना में वर्तमान में बाड़मेर जिले में कोविड-19 की तीसरी लहर के केस पुनः तीव्र गति से बढ़ने के कारण कोविड वैक्सीनेशन के अधिकतम योग्य लाभार्थियों को लाभान्वित करने एवं संक्रमण के प्रभाव को नियंत्रित रखने के मद्देनजर समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों, उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे जिला कलक्टर से बिना अवकाश स्वीकृत करवाये मुख्यालय नहीं छोड़ेगे। राजकीय अवकाश के दिन भी मुख्यालय पर ही उपस्थित रहेंगे। अवकाश स्वीकृत होने पर अवकाश पर रहने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था होने पर ही प्रस्थान करेंगे।
उन्होने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे जिला कलक्टर की अनुमति प्राप्त किये बिना अथवा अत्यावश्यक होने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर की बिना अनुमति प्राप्त किये अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। साथ ही अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पाबन्द करेंगे कि वे संबंधित नियंत्रण अधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्त करने के पश्चात् ही अपना मुख्यालय छोड़ेगे। आदेश की अवहेलना किये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
मंगलवार, 11 जनवरी 2022
कोविड उपयुक्त व्यवहार नहीं करने पर लगेगा दंड मास्क नहीं पहनने पर लगेगा एक हजार रुपये का जुर्माना
बाड़मेर, 11 जनवरी। राज्य सरकार द्वारा जारी की गई कोविड गाईड लाईन एवं महामारी सतर्क-सावधान जन अनुशासन दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर दण्डात्मक प्रावधान निर्धारित किया गया है।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक या कार्यस्थल पर फेस मास्क या फेस कवर नहीं पहने हुए होंगे तो उनसे 1 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूली की जाएगी। इसी प्रकार किसी भी दुकानदार द्वारा बिना फेस मास्क के वस्तु विक्रय करने पर 500 रुपये जुर्माना राशि वसूल की जाएगी।
जिला कलक्टर ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक स्थान पर सामाजिक दूरी बनाकर नहीं रहेगा तो 100 रुपये, सार्वजनिक स्थान पर थूंकने पर 200 रुपये, सार्वजनिक स्थान पर किसी भी व्यक्ति द्वारा शराब, पान, गुटखा, तम्बाकू का उपभोग करते हुए पाए जाने पर 500 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की जाएगी।
इसी प्रकार आयोजकों द्वारा सार्वजनिक, सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद सम्बन्धी, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह/त्यौहार/शादी समारोह में अधिकतम 100 (नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्रों में 30 जनवरी तक 50) व्यक्तियों से अधिक के सम्मिलित होने पर 10 हजार रुपये तथा मैरिज गार्डन/विवाह स्थल के स्वामी, प्रबन्धक एवं अधिभोगी द्वारा उपरोक्त समारोह में अधिकतम 100 (नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्रों में 30 जनवरी तक 50) व्यक्तियों से अधिक सम्मिलित होने पर 10 हजार रुपये जुर्माना राशि वसूल की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कोई व्यक्ति लोक परिवहन सेवा तथा ऑटो, रिक्शा, बस, ट्रेन आदि में फेस मास्क या फेस कवर नहीं पहननें पर 500 रुपये तथा सभी कार्यस्थल पर कार्य अवधि के दौरान नियमित रूप से सेनेटाईजेशन तथा सामाजिक दूरी की पालना नहीं कराई जाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना राशि सम्बन्धित प्राधिकृत अधिकारी द्वारा वसूल की जाएगी।
शुक्रवार, 7 जनवरी 2022
शिव प्रधान महेंद्र जाणी ने दिया मानवता का परिचय, ठंड में अलाव तापते परिवार को दी सामाजिक कार्यक्रम में ओढाई हुई कंबलें ।
शिव प्रधान महेंद्र जाणी शुक्रवार शाम जब अपनी गाड़ी से गुजर रहे थे इस दौरान उनकी नजर पीजी कॉलेज के आगे एक गरीब परिवार पर पड़ी । सर्दी से बचने के लिए वह परिवार लकड़ियां जलाकर सड़क किनारे बैठा था ,और ओढ़ने के लिए उनके पास कुछ भी नही था यह सब देखकर तुरन्त अपनी गाड़ी को रोका और उनको एक कार्यक्रम में ओढाणी में मिली कम्बलें उन्हें दे कर सर्द हवाओं से बचाने के कोशिश की। प्रधान द्वारा किए गए इस कार्य की सोशल मीडिया पर बहुत सराहना की जा रही है । अगर आपके पास भी कोई अतिरिक गरम कपड़े या कंबल है जिन्हें आप थोड़ा पुराना होने पर इस्तेमाल नही कर रहे है,या फिर आवश्यकता से अधिक है तो उन्हें आप गरीब जरूरतमंद लोगों को जरूर दे ।
सोमवार, 13 दिसंबर 2021
शिव प्रधान प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश जाणी ने उठाई अकारण विद्युत कटौती के खिलाफ आवाज
शिव प्रधान प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश जाणी ने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की मनमानी और विभाग द्वारा की जा रही अनियमित विद्युत कटौती के विरोध में अपनी आवाज उठाई और कनिष्ठ अभियंता भिंयाड़ पर गंभीर आरोप लगाए । उन्होंने चेताया कि समय रहते विद्युत सप्लाई सुचारू नही की तो कनिष्ट अभियंता कैलाश थोरी के खिलाफ भिंयाड़ निगम कार्यालय के समक्ष धरना देकर विरोध दर्ज किया जाएगा । गौरतलब है कि काफी समय से भिंयाड़ और नजदीकी क्षेत्र के ग्रामीण असमय की जा रही कटौती की शिकायत विभाग के अधिकारियों से कर रहे है , उन्होंने बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने का हवाला देकर कहा कि कोरोना काल मे 2 साल से बच्चों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है और इस बार जब अर्धवार्षिक परीक्षा नजदीक है लेकिन जोधपुर विद्युत वितरण निगम के कर्मचारीयों की मनमाफिक की जा रही बिजली कटौती से बच्चों की परीक्षा की तैयारी पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे है ।
गुरुवार, 9 दिसंबर 2021
स्वच्छता की सीख देने वाले विद्यालयों की ये हालत ?
शिव तहसील की ग्राम पंचायत पोषाल के राजकीय उच्च माद्यमिक विद्यालय पोषाल में बने शौचालयों की गंदगी ब्लॉक के सरकारी शौचालयों की सफाई व्यवस्था को आइना दिखा रही हैं। बच्चों को शिक्षा से मिलने वाली साफ-सफाई की सीख स्कूल में बेमानी हो गई है। स्कूल में शौचालयों की हालत बदतर है। शिक्षकों के वेतन पर मासिक करोडों से अधिक खर्च करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में सफाई कर्मचारी की कमी है। सरकार द्वारा विद्यालयों में बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ ही स्वच्छता और साफ सफाई का पाठ पढ़ाया जाता है। वहीं विद्यालय के शौचालय में ही गंदगी का अंबार है और शिक्षक सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठा रहे हैं। यह हाल तब है जब कोरोना जैसा संक्रामक रोग तेजी फैल रहा हैं। गंदगी की भरमार कभी भी बच्चों में संक्रामक रोगों का कारण बन सकती है। उसके बाद भी सफाई न कराया जाना अभिभावकों की चिंता बढ़ाए है। सरकार द्वारा शौचालय सफाई एवं अन्य गतिविधियों के खर्च का बजट स्कूल को दिया जाता हैं पर विद्यार्थियों की अनुशासनहीनता और शिक्षकों के सफाई व्यवस्था पर ध्यान न देने से विद्यालय के शौचालय में बने यूरीनल्स में रखी ईंटे और पास पसरा गंदगी का ढ़ेर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा हैशौचालय में लगाए गए वाल हेंगिंग यूरिनल में रखी ईंटें
दोनो यूरिनल उपयोग में लिए जाते है पर सफाई की जगह शरारत ।
गुरुवार, 2 दिसंबर 2021
फतेह खान तीसरी बार बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाए गए , समर्थकों में खुशी की लहर
कांग्रेस ने बाड़मेर जिलाध्यक्ष फतेह खान पर भरोसा जताते हुए तीसरी बार जिलाध्यक्ष बनाया है। फतेह खान जुलाई 2011 में पहली बार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बने थे। जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा होने के बाद से कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष फतेह खान को फोन पर सोशल साइट्स पर बधाई दे रहे हैं।
मारवाड़ कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी के भरोसेमंद माने जाने वाले फतेह खान को हाईकमान ने तीसरी बार जिलाध्यक्ष बना दिया है। फतेह खान का नाम पहले से ही तय माना जा रहा था क्योंकि उनके नाम पर बाड़मेर में किसी भी कांग्रेस के विधायक से लेकर मंत्री को आपत्ति नहीं थी। इसके चलते फतेह खान की घोषणा पहली लिस्ट में कर दी गई है।
दावेदारों में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह खान जिला परिषद के सदस्य भी रह चुके है। फतेह खान के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी विधानसभा 2018 चुनावों के बाद से लगातार बाड़मेर जिले में एक के बाद एक जीत हासिल की है। वर्तमान में फतेह खान के नेतृत्व में ही दो विधानसभा चुनाव लड़े गए है। 2013 विधानसभा चुनाव में जिले की सात सीटों में से 1 सीट जीत पाई थी। इसके बाद पंचायती राज व नगर परिषद चुनावों में जीत दर्ज की थी। वर्ष 2018 का विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 6 सीटे जीती थी। नगर परिषद, पंचायती राज चुनाव में पार्टी ने जीत हासिल की थी। हालांकि लगातार दो लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।गौरतलब है कि बीते दो-तीन दशक से बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद मुस्लिम चेहरा ही रहा है। जिलाध्यक्ष फतेह खान से पहले हाजी उस्मान थे। इससे पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष स्वर्गीय अब्दुल हादी थे।
शुक्रवार, 26 नवंबर 2021
उल्टा पड़ता दिख रहा बिल वापसी का दांव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब तीन कृषि बिल वापसी की बात सोची होगी, तो कल्पना की होगी कि वे जैसे ही टीवी पर आकर बिल वापसी का ऐलान और किसानों से वापस लौट जाने की अपील करेंगे किसान उनकी जय-जयकार करते हुए वापस लौटने लगेंगे। आनन-फानन में दिल्ली के चारों तरफ की सड़कें खाली हो जाएंगी। उनका गुणगान होगा वगैरह-वगैरह...। मगर जो कल्पना की थी, वैसा कुछ नहीं हुआ बल्कि उल्टा हुआ जिसके बारे में सोचा तक नहीं था। जब किसानों से पूछा गया कि अब तो खुश हैं, वापस जाएंगे या नहीं, तो किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी पर अविश्वास जताते हुए कहा कि उनकी टीवी पर कही बातों पर हम यकीन नहीं करते। बताइये पंद्रह लाख रुपये मिले किसीको? धन्यवाद देना और जयकारे लगाना तो दूर किसानों ने उन्हें ही झूठा और वादाफरामोश साबित कर दिया। तीनों कृषि बिल वापसी के ऐलान के बाद भी किसानों का आंदोलन में डटे रहना मोदी की साख के लिए इतना ज्यादा घातक है कि सोचा भी नहीं जा सकता।
लोग सवाल उठाएंगे कि अब तो कृषि बिल वापसी का ऐलान हो गया, अब किसान वापस क्यों नहीं जा रहे। जवाब मिलेगा कि इन्हें प्रधानमंत्री की ज़ुबान पर भरोसा नहीं है, जब तक संसद में बिल वापस नहीं हो जाता तब तक हम नहीं हिलेंगे। यानी किसानों को डर है कि ये शख्स बिल वापसी का ऐलान करके हमें घर भेज सकता है, हमारा आंदोलन खत्म करा सकता है और फिर बिल वापस भी नहीं लेगा। प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता पर इससे बड़ा सवाल कोई हो ही नहीं सकता कि वे खुद आए, खुद ऐलान किया, तब भी किसान कह रहे हैं कि नहीं पहले संसद में वापस लो, तुम्हारा क्या भरोसा। और उनके पास दलील यह है कि पहले के वादे कौनसे पूरे हुए?
भाजपा और संघ के लिए यह चिंता का सबसे बड़ा विषय होना चाहिए कि उनके सबसे बड़े पोस्टर बॉय की इमेज पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उसे जनता फरेबी और झूठा समझने लगी है। उसकी किसी बात पर किसी को भी विश्वास नहीं है। तो सबसे पहली बात यह कि बिल वापसी के ऐलान का वैसा स्वागत नहीं हुआ जैसे स्वागत की अपेक्षा थी। देश की जनता यही अनुमान लगा रही है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हार का खतरा टालने के लिए यह दांव चला गया है।
दूसरा सवाल यह कि क्या बिल वापसी के ऐलान के बाद यूपी, पंजाब, उत्तराखंड और हरियाणा में भाजपा नेताओं का विरोध कम हो जाएगा? फिलहाल कई जगहों पर भाजपा नेताओं की हालत अछूत की सी है। उन्हें शादियों तक में नहीं बुलाया जा रहा। कोई भी समारोह हो, विरोध करने किसान पहुंच जाते हैं। लखीमपुर में और क्या हुआ था? कृषि बिल वापसी के बाद क्या भाजपा के नेता जनता के बीच जा पाएंगे? इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में हमें मिलने वाला है।
बिल वापसी का दांव उल्टा इसलिए भी पड़ा क्योंकि किसानों की मांग केवल बिल वापसी ही नहीं थी। अगर घोषणा करने आए थे तो कहना था कि सभी मांगे मान रहे हैं। एमएसपी वाली मांग, बिजली अधिनियम में बदलाव की मांग समेत सभी मांगे मानते हुए उन्हें यह ऐलान भी करना था कि किसानों पर लगाए गए सभी केस वापस लिये जाएंगे। उन्होंने होमवर्क नहीं किया। किसानों के मन को नहीं समझा। कम से कम इतना बड़ा निर्णय लेने से पहले किसानों को भरोसे में लेते, चर्चा करते। मगर वो सब तो जैसे आता ही नहीं है।
किसान जानते हैं कि इतना बड़ा और ऐसा एतिहासिक आंदोलन बार बार खड़ा नहीं होता। सरकार एक बार झुकी है तो सारी मांगे मनवानी ही होंगी। इस समय सरकार को जितना दबाया जा सकता है, उतना और कभी नहीं। इस दांव को इसलिए भी हम उल्टा पड़ना कह सकते हैं क्योंकि वो कैडर नाराज है, जो मोदी को भगवान से भी दो उंगल ऊपर समझता है। उस मासूम कैडर को यही समझाया गया था कि ये किसान नहीं गुंडे हैं और उसकी तकलीफ है कि आप गुंडों के समक्ष क्यों झुके? वो निराशा में बागी हो रहा है और उसे संभालना मुश्किल पड़ रहा है।
मोदी के पिछले तमाम फैसलों की तरह यह फैसला भी ब्लंडर ही है। फायदा कम और नुकसान ज्यादा। ना किसान खुश, ना कैडर। किसान झूठा कह रहा है और कैडर कायर। छवि धूमिल हुई सो अलग। फर्क यह है कि अब तक उनके गलत निर्णयों से देश को नुकसान होता रहा है। यह पहली बार है जब सीधे भाजपा और खुद उन्हें नुकसान हो रहा है।
शुक्रवार, 19 नवंबर 2021
मंगलवार, 16 नवंबर 2021
पांच अवैध ट्रांसफार्मर जब्त कर 7.80 लाख का जुर्माना वसूला ।
बाड़मेर
गुड़ामालानी के विभिन्न ईलाको में अधिषाशी अभियंता ने की सघन सतर्कता जांच, विद्युत चोरो के खिलाफ कार्यवाही होगी ओर सख्त।
जिले में विद्युत छीजत के साथ ही यकायक बेतहाशा विद्युत खपत बढ़ने पर डिस्काॅम द्वारा विद्युत चोरो के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ा गया हैं। इसके तहत सोमवार को गुड़ामालानी अधिषाशी अभियंता भैराराम चौधरी द्वारा पांच स्थानों पर अवैध ट्रांसफाॅर्मर जब्त कर सतर्कता जांच प्रतिवेदन भरे गए।
यह जानकारी देते हुए जोधपुर डिस्काॅम बाड़मेर के अधीक्षण अभियंता अजय माथुर ने बताया कि जिले में यकायक बढ़ी विद्युत खपत एवं छीजत के मद्देनजर सघन सतर्कता जांच करने के निर्देष प्रबंध निदेशक जोधपुर से प्राप्त हुए थे। इसको देखते हुए सभी अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंताओं को सघन सतर्कता जांच के निर्देश के साथ ही लक्ष्य दिए गए। इसके तहत सोमवार को गुड़ामालानी के अधिशाषी अभियंता भैराराम चौधरी ने एड छोटू में कृषि उपभोक्ता मोहनलाल पुत्र मंगलाराम के यहां पर अवैध माॅडीफाईड ट्रांसफाॅर्मर से एलटी लाईन एक फेज पर अंकुड़िया लगाकर थ्री फेज कन्वर्ट कर 20 एचपी की मोटर लगाकर कृशि कार्य करते हुए पाए जाने पर अवैध माॅडिफाईड ट्रांसफाॅर्मर जब्त किया गया एवं उसके खिलाफ 156074 रूपए का जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार उपभोक्ता ईशराराम पुत्र पूनमाराम निवासी खारकी बेरी द्वारा पर अवैध माॅडीफाईड ट्रांसफाॅर्मर से 11 केवी लाईन एक फेज पर अंकुड़िया लगाकर थ्री फेज कन्वर्ट कर 20 एचपी की मोटर लगाकर कृषि कार्य करते हुए पाए जाने पर अवैध माॅडिफाईड ट्रांसफाॅर्मर जब्त किया गया एवं उसके खिलाफ 156074 रूपए का जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार उपभोक्ता रतनलाल पुत्र जेठाराम निवासी खारकी बेरी द्वारा अवैध माॅडीफाईड ट्रांसफाॅर्मर से 11 केवी लाईन एक फेज पर अंकुड़िया लगाकर थ्री फेज कन्वर्ट कर 20 एचपी की मोटर लगाकर कृषि कार्य करते हुए पाए जाने पर अवैध माॅडिफाईड ट्रांसफाॅर्मर जब्त कर 156074 रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं मंगले की बेरी निवासी गणेशाराम पुत्र लक्ष्मणराम द्वारा अवैध माॅडीफाईड ट्रांसफाॅर्मर से 11 केवी लाईन एक फेज पर अंकुड़िया लगाकर थ्री फेज कन्वर्ट कर 20 एचपी की मोटर लगाकर कृषि कार्य करते हुए पाए जाने पर अवैध माॅडिफाईड ट्रांसफाॅर्मर जब्त कर 156074 जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार चैनाराम पुत्र शिवजीराम निवासी मंगले की बेरी द्वारा अवैध माॅडीफाईड ट्रांसफाॅर्मर से 11 केवी लाईन एक फेज पर अंकुड़िया लगाकर थ्री फेज कन्वर्ट कर 20 एचपी की मोटर लगाकर कृषि कार्य करते हुए पाए जाने पर अवैध माॅडिफाईड ट्रांसफाॅर्मर जब्त कर 156074 रुपये जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार पांच उपभोक्ताओं के खिलाफ 780370 रूपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं अर्जुन की ढ़ाणी निवासी जेसाराम पुत्र गोमाराम एक कनेक्शन पर टू पम्प लगाकर विद्युत दुरूपयोग करते हुए पाए जाने पर उसके खिलाफ जुर्माना लगाया गया।
ग्रामीणो ने बंधक बनाने की कोशिश कीः
सोमवार को गुड़ामालानी के अधिशाषी अभियंता भैराराम चौधरी द्वारा सतर्कता जांच एवं अवैध माॅडिफाईड ट्रांसफाॅर्मर जब्त करने की कार्यवाही के दौरान एक स्थान पर ग्रामीणों ने सतर्कता जांच दल का घेराव कर बंधक बनाने की कोशिश की। लेकिन समय रहते अधिशाषी अभियंता द्वारा उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना देने पर जिला मुख्यालय से विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने से पुलिसकर्मियों सहित सतर्कता जांच दल भी मौके पर पहुंचा एवं सतर्कता अधिकारी को फ्री कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की गई।
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