रामसर में फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से ब्लैकमेलिंग का आरोप,तीन के खिलाफ मामला दर्ज
रामसर (बाड़मेर)। राजस्थान के बाड़मेर जिले के रामसर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए कथित ब्लैकमेलिंग और वीडियो वायरल करने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में रामसर पुलिस थाने में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर उसे आपत्तिजनक सामग्री के साथ जोड़कर रुपये मांगने और बदनाम करने की धमकी दी गई।
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से शुरू हुई बातचीत
FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार, अगस्त 2026 में शिकायतकर्ता के पास 'राबिना बानो' नाम की एक कथित फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से बातचीत शुरू हुई। आरोप है कि इसके बाद वीडियो कॉल की गई और कॉल को रिकॉर्ड कर लिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो को एडिट कर आपत्तिजनक सामग्री के साथ जोड़ दिया गया। बाद में इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग की गई।
2 लाख रुपये से शुरू हुई कथित मांग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शुरुआत में 2 लाख रुपये मांगे गए। इसके बाद कथित तौर पर 1.5 लाख रुपये और फिर 1 लाख रुपये देने की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये नहीं देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
पंचायत चुनाव से पहले वीडियो वायरल करने का आरोप
FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों से प्रसारित किया गया। शिकायतकर्ता ने एक फेसबुक अकाउंट के जरिए पंचायत चुनाव से पहले वीडियो वायरल किए जाने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है कि इस कथित गतिविधि का उद्देश्य शिकायतकर्ता की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
रामसर पुलिस थाने में दर्ज FIR संख्या 0133/2026 में तीन व्यक्तियों को नामजद किया गया है। FIR के अनुसार मामला 2 नवंबर 2026 को शाम 6:02 बजे दर्ज किया गया।
शिकायत में कथित घटनाओं का समय 1 अगस्त 2026 से 18 अगस्त 2026 के बीच बताया गया है। मामला आभे का पार क्षेत्र से संबंधित दर्ज किया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 319(2), 356(2), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया है।
FIR में दर्ज धाराएं कथित जबरन वसूली, प्रतिरूपण के जरिए धोखाधड़ी, मानहानि, आपराधिक षड्यंत्र और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रतिरूपण से संबंधित हैं। इन धाराओं का अंतिम रूप से लागू होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान सोशल मीडिया अकाउंट, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल FIR दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है। मामले में सभी नामजद व्यक्तियों को तब तक निर्दोष माना जाना चाहिए, जब तक सक्षम न्यायालय में दोष साबित न हो जाए।
नोट: यह समाचार पुलिस FIR में दर्ज शिकायत और आरोपों पर आधारित है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

