बाड़मेर में पशु राहत शिविर और पेयजल आपूर्ति की मांग, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल व विधायक हरीश चौधरी मिले जिला कलेक्टर से
बाड़मेर। जिले में अकाल जैसी परिस्थितियों के बीच पशुधन संरक्षण, पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग तेज हो गई है। इसी सिलसिले में बुधवार को बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और बायतु विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
पशु राहत शिविर और चारे की व्यवस्था की मांग
मुलाकात के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने जिले के प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल पशु राहत शिविर शुरू करवाने, पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने तथा पेयजल संकट से निपटने के लिए पानी के टैंकर शुरू करवाने की मांग रखी।
उन्होंने जिला प्रशासन से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र राज्य सरकार को भेजने और राहत कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं करने का आग्रह किया।
चारे की बढ़ती कीमतों से पशुपालक परेशान
हरीश चौधरी और उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि बाड़मेर जिला मुख्य रूप से पशुधन एवं पशुपालन पर निर्भर है। वर्तमान परिस्थितियों में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की भारी कमी बनी हुई है। पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए चारा जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं चारे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि समय रहते प्रभावी राहत व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
दूर-दराज की ढाणियों तक पहुंचे राहत
दोनों नेताओं ने कहा कि बाड़मेर की भौगोलिक परिस्थितियां, कम वर्षा और दूर-दराज में स्थित ढाणियों के कारण यहां पेयजल एवं पशुधन संरक्षण की जरूरतें सामान्य क्षेत्रों से अलग हैं।
ऐसे में अकाल राहत से जुड़े निर्णय लेते समय स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में पशु राहत शिविर, पर्याप्त चारा, पेयजल टैंकर और अन्य जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध करवाना आवश्यक है।
ग्रामीण परिवारों को रोजगार देने की भी मांग
मुलाकात के दौरान ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने अकाल राहत कार्य शीघ्र शुरू करवाने की आवश्यकता जताई, ताकि संकट के समय ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि पशुधन संरक्षण, पेयजल आपूर्ति और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करवाने से जुड़े प्रस्ताव बिना देरी राज्य सरकार को भेजे जाएं तथा आवश्यक स्वीकृतियां लेकर प्रभावित क्षेत्रों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से इन मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई की जाती है।
ग्रामीण आवाज़ – सच आपके समक्ष।

